बीकानेर के बाज़ारों में कोटगेट, केईएम रोड और पुराने शहर के बाज़ार शामिल हैं। ये बीकानेर के उन ऐतिहासिक स्थलों में हैं जहाँ खरीदारी और शहर की पुरानी वास्तुकला साथ देखने को मिलती है। यहाँ कपड़ों और आभूषणों से लेकर मसालों और हस्तशिल्प तक की खरीदारी की जा सकती है।
- बाज़ार के इलाके: कोटगेट, केईएम रोड और पुराना बीकानेर।
- खरीदारी: कपड़े, आभूषण, चमड़े का सामान, मसाले और हस्तशिल्प।
- ऐतिहासिक संदर्भ: बीकानेर राजस्थान के पुराने शहरों में से एक है।
बीकानेर के बाज़ारों में क्या देखने को मिलेगा?

बीकानेर के बाज़ारों में रोज़मर्रा की खरीदारी के साथ उस शहर की झलक भी मिलती है जिसका इतिहास लंबा रहा है। Rajasthan Tourism के अनुसार, बीकानेर की शुरुआत राव बीका से जुड़ी है, जो जांगलदेश आए और वहाँ अपना राज्य स्थापित किया। शहर के ऐतिहासिक महल और किले लाल बलुआ पत्थर से बने हैं।
सैर की योजना बनाते समय बाज़ारों के नाम अच्छे पहचान-चिह्न साबित होते हैं: कोटगेट और बड़ा बाज़ार कपड़ों और आभूषणों के लिए लोकप्रिय हैं, जबकि कोटगेट बाज़ार चमड़े के सामान के लिए जाना जाता है। खारी बाज़ार में मसालों की दुकानें प्रसिद्ध हैं और कोटगेट हस्तशिल्प एम्पोरियम में स्थानीय कारीगरों की बनाई चीज़ें मिलती हैं।
बाज़ार की सैर में केईएम रोड और कोटगेट को कैसे शामिल करें?

केईएम रोड और कोटगेट बाज़ार बीकानेर के प्रमुख बाज़ार इलाकों में आते हैं, लेकिन दोनों की खरीदारी की खासियत अलग है: कोटगेट कपड़ों, आभूषणों और चमड़े के सामान के लिए जाना जाता है, जबकि केईएम रोड को एक प्रमुख बाज़ार इलाके के रूप में पहचाना जाता है।
Tanisha Heritage Haweli से बीकानेर शहर का केंद्र लगभग 7 मिनट की पैदल दूरी पर है, इसलिए शहर घूमते समय केंद्रीय बाज़ारों को शामिल करना आसान है। आवागमन की योजना के लिए, Rajasthan Tourism बस अड्डे को शहर के केंद्र के उत्तर में बताता है और जयपुर, दिल्ली तथा जोधपुर सहित कई जगहों के लिए नियमित एक्सप्रेस सेवाओं की जानकारी देता है।
पुराने शहर के बाज़ार कहाँ मिलेंगे?

पुराने बीकानेर की बाज़ार गलियाँ रामपुरिया हवेलियों जैसे वास्तुशिल्प स्थलों के बीच बसी हैं। बाज़ार की सैर के साथ हवेलियाँ देखने से एक ही भ्रमण में पुराने शहर की व्यावसायिक गलियों और ऐतिहासिक इमारतों को करीब से जानने का मौका मिलता है।
बीकानेर के ऐतिहासिक केंद्र की पैदल सैर भी शहर की पुरानी गलियों पर केंद्रित है, जबकि रामपुरिया हवेलियाँ पुराने बीकानेर का एक जाना-माना वास्तुशिल्प स्थल हैं।

आवागमन और खरीदारी के शिष्टाचार
अपना बाज़ार मार्ग उन इलाकों के हिसाब से तय करें जहाँ आप जाना चाहते हैं: कपड़ों, आभूषणों और चमड़े के सामान के लिए कोटगेट और मसालों के लिए खारी बाज़ार। अगर आप शहर के बाहर से आ रहे हैं, तो बीकानेर रेलमार्ग से जयपुर, जैसलमेर, चूरू, जोधपुर, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और गुवाहाटी सहित कई जगहों से जुड़ा है। नाल हवाई अड्डा बीकानेर से 10 किमी दूर है और वहाँ से दिल्ली तथा जयपुर के लिए सीधी उड़ानें हैं।
अगर आप बाज़ारों के साथ दूसरे दर्शनीय स्थलों को भी जोड़ना चाहते हैं, तो बीकानेर की यह एक-दिवसीय यात्रा योजना शहर के दर्शनीय स्थलों का मार्ग सुझाती है।
बाज़ारों के साथ आसपास के दर्शनीय स्थल
पुराने शहर के बाज़ारों को रामपुरिया हवेलियों के साथ जोड़ें, या शहर के केंद्र की बाज़ार गलियों से बीकानेर के ऐतिहासिक किले और महलों की ओर जाएँ। Rajasthan Tourism के अनुसार, शहर के ऐतिहासिक महल और किले लाल बलुआ पत्थर से बने हैं; बाज़ार की सैर को इस व्यापक वास्तुशिल्प विरासत के साथ जोड़कर देखा जा सकता है।
निकलने से पहले, आवागमन और दर्शनीय स्थलों की ताज़ा जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देख लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
बीकानेर में खरीदारी के लिए क्या मशहूर है?
बीकानेर के बाज़ारों में बड़ा बाज़ार और कोटगेट कपड़ों और आभूषणों के लिए, कोटगेट बाज़ार चमड़े के सामान के लिए, खारी बाज़ार मसालों के लिए और कोटगेट हस्तशिल्प एम्पोरियम स्थानीय हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है।
कौन-सा बाज़ार मसालों के लिए जाना जाता है?
खारी बाज़ार मसालों की दुकानों के लिए प्रसिद्ध है।
पुराने बीकानेर में कौन-सी ऐतिहासिक वास्तुकला देख सकते हैं?
रामपुरिया हवेलियाँ पुराने बीकानेर के वास्तुशिल्प दर्शनीय स्थलों में शामिल हैं।
